राजधानी लखनऊ में हर जगह एक बोर्ड जरूर आप सभी लोग ने देखा होगा निर्माण कार्य प्रगति पर है और कृपया यहा से ना जाये । सड़को की मरम्मत के लिये यह लिखा होता है। लेकिन सवाल यहां है की ऐसी सड़के सरकार बनाती क्यों है जो कुछ सालो तक चलती ही नही ओर ख़राब हो जाती है बारिश के मौसम में कही-कही तो सड़को के बीच बारिश का पानी भरा हुआ मिलता है आने जाने में सामस्या उत्तपन होती है। राजधानी के कई इलाको में कार्य प्रगति पर इसके वजहें से जाम का सामना करना पड़ता है चिनहट से लेकर मटियारी चौरहा तक जाम रोज लगा रहता है आधा घंटा लगता है चिनहट से मटियारी चौरहा तक ,जब की पाँच मिनट की रास्ता है। कब खत्म होगा शहर का जाम ।
सरकार प्रगति कार्य को तेजी से क्यों नही कर रहे है,मटियारी चौरहा का पुल अभी भी नही बन पाया है 2 साल से ज्यादा हो गया है। इसी कारण जाम लगती है।
preeti ki Duniya
Tuesday, 30 August 2016
निर्माण कार्य प्रगति पर है..
Friday, 17 April 2015
SANTOSH DHAN
संतोष धन
स फल और सार्थक जीवन का सबसे बडा आधार -शूत्र संतोष हैं /संतोष के परम सुख के विषय मैं एक संत ने कहा हैं कि चाह से ही चिंता उत्पन होती हैं /चिंता ही दुःख का कारण हैं /जिसकी चाहत समाप्त हो गयी है
वह प्रसन्न हैं ,जितना हैं वसी मैं खुश हैं ,ऐसा ही व्यक्ति हमेसा खुश रहता हैं हमारे अंतमर्न मै अनंत इच्छाए हैं और जितनी ज्यादा इच्छाए
होती हैं उतनी है असंतोष बढ़ता हैं /इसी से हम कितनी मुश्किले अपने जीवन मैं खड़ी कर लेते हैं /यदि हम अपनी इच्छाओ को कम कर दें तो वे
मुश्किले आसान हों जायेंगी /जिसके मन मै सन्तोष होता हैं ,उसका मन पूरा भरा होता हैं ,किन्तु जिसके मन मै निरन्तर इच्छाये उठ रही है ,
उसका मन तो कभी नही भरता /तब क्यों न हम अपनी भौतिक इच्छाओ
की पूर्ति से हटकर अपने जीवन को उँचा उठाना वाली भावना ओ को
अपने भीतर विकसित कर ले /यह भी तपस्या का एक रूप है /तपस्या
को यदि इस तरह हम अपने जीवन मैं अमल करें , तो कोई बहुत मुश्किल बात नहीं हैं /जीवन को अच्छा बनाना एक तरह से जीवन को तराशना है/
वे लोग अधिक सुखी जीवन जीते है जिन्होंने अपने जीवन मै संतोष को अपनाया है उन लोगो का जीवन सुखमय व्यतीत होता है /
कामनाएं इच्छाएं रखने वाले लोग अक्सर दुःखी देखे गए हैं /
यदि सुख़ और आनंद अपने अंदर नही मिल सकता है तो यही कही और कभी नही मिल सकता /संतोष के साथ सुख का निवास होता है /
जिसने संतोश की इस महिमा को समझ लिया ,वास्तव मैं वही धनवान हैं और उसी का जीवन सार्थक और संतोषप्रद हैं /
Friday, 13 February 2015
shikayat
सरकार
शिकायत हमे सरकार से है जो लड़कियों की सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठा रही है क्या कर रही है सरकार जगह जगह सुरक्षा बल लगाये जाये रोज रोज दिल दहलाने वाली खबर मिल रही है क्राइम बढ़ता जा रहा है सरकार लड़कियों की सुरक्षा में दे हर एक चाौराहे पर सुरक्षा बल तैयार किये जाए आखिर पुलिस होती किस लिए थाने में बैठने के लिए या नेताओ की सुरक्षा के लिए नेताओ को खतरा हो सकता है हम सभी आम जनता को खतरा नहीं हो सकता हर एक आम जनता की वोट वोट से सरकार बनती है तो फिर क्यों भूल जाती है सरकार हमारे सुरक्षा के लिए बलत्कार जैसी घटना रोज टी वि में देखने सुनने में मिलता है सरकार को ये दिखाई नहीं देताहै लड़कियों की सुरक्षा के लिए सरकार कोई ठोस कदम उठाना चाहिए जिससे हमारे समाज की नारिओ के साथ बलत्कार जैसी घटना न हो सरकार वादे बहुत करती है सुरक्षा से लेकर हो या आम जनता से जुडी समस्या क्यों न हो जैसे हमारे प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जी लोगो को अच्छे दिन आने का झूठे सपने दिखा रहे है नरेंद्र मोदी जी लोक सभा चुनाव से पहले भ्रस्टाचार मिटाने सहित कई वादे किये थे उन्होंने कहा था विदेश से काला धन वापस लाया जायेगा और हर गरीब परिवार के खाते में १५ -१५ लाख रुपये डाले जायेंगे केंद्र में भाजपा की सरकार बने ९ महीने होने वाले है न वो काला धन वापस आया और न ही गरीब लोगो को रुपये मिले सरकार को याद रखना चाहिए राजनीती जनहित सर्वोपरि है सरकार की नजर उन गरीबो पर क्यों नहीं पड़ती जो रोज रोटी कपडा के लिए तरसते है हजारो लोग सुबह चाौराहे पर खड़े होकर काम के लिए सिफारिश करते है फिर भी उन्हें खाली हाथ लौट जाना पड़ता है अगले दिन यही कोशिश दोहरानी पड़ती है लोग रोज सुबह मन में एक नई उमंग लेकर जगते है चलो आज तो कुछ होगा पर ऐसा होता नहीं है हजारो बच्चे स्कूल जाने की चाह रखते है पर उनके माता पिता पास उन्हें उन्हें स्कूल भेजने के लिए रुपये नहीं है सभी गरीब बच्चे उन आमिर बच्चो को स्कूल जाते हुए देखते है वैसे तो कहने को हमारी सरकार ने सर्वशिक्षा अभियान चला रही है पर क्या वाकई में ये योजना उन गरीबो तक पहुंच रहि है क्या लोग इसका लाभ उठा पा रहे है छोटे छोटे कस्बो में नगरो में पानी बिजली इत्यादि समस्याएं है लोगो को ठीक से पानी नही मिलता बिजली घंटो बाद आती है जिससे वह अपना काम सुचारू रूप से नही कर पाते शहरो अपराध का यही कारण है जो लोग अपनी समस्याओ साथ रहना सीख जाते है वह सुचारू रूप से अपना जीवन जीते हैतथा जो अपनी समस्याओ से परेशान हो जाते है वो अपराध की और अग्रसर हो जाते है सरकार को इन सभी छोटी छोटी परेशानियों को देखना होगा तथा इनके प्रति उचित कदम उठाने होंगे तभी उम्मीद की एक नई किरण मिलेगी और लोग शांति से रह सकेंगे एक नयी ज़िन्दगी की उमंग और उसे जीने की चाह मिलेगी /
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